नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की नागरिकता से जुड़े विवाद में दिल्ली की अदालत ने शनिवार को अपना आदेश टाल दिया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामले में दायर पुनरीक्षण याचिका पर फैसला सुनाने की तारीख अब 21 सितंबर निर्धारित की है। यह याचिका 11 सितंबर 2025 को मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा दिए गए फैसले को चुनौती देते हुए दाखिल की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान सोनिया गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता ने अदालत में अपना जवाब दाखिल किया। बचाव पक्ष ने शिकायत को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए इसकी मंशा पर सवाल उठाए। वकील की ओर से तर्क दिया गया कि शिकायत के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकता है और इसे किसी अन्य मकसद से आगे बढ़ाया जा रहा है।
नागरिकता विवाद को लेकर शिकायत राउज एवेन्यू अदालत की सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अधिवक्ता विकास त्रिपाठी की ओर से दायर की गई थी। शिकायत में सोनिया गांधी की नागरिकता को लेकर सवाल उठाए गए थे। हालांकि, मजिस्ट्रेट अदालत ने मामले में शिकायत को खारिज कर दिया था।
मजिस्ट्रेट अदालत के इसी फैसले को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई। अब इस याचिका पर दिल्ली की विशेष अदालत में सुनवाई चल रही है। शनिवार को अदालत ने मामले में आदेश सुनाने की तारीख आगे बढ़ाते हुए 21 सितंबर तय कर दी।
अदालत के आदेश के बाद अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 21 सितंबर हो गई है। इसी दिन विशेष अदालत पुनरीक्षण याचिका पर अपना फैसला सुना सकती है। मामले में अदालत का निर्णय आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा शिकायत खारिज किए जाने के फैसले को बरकरार रखा जाता है या मामले में आगे किसी कार्रवाई का रास्ता खुलता है।
फिलहाल सोनिया गांधी की ओर से दाखिल जवाब में शिकायत को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया गया है। वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से उठाए गए नागरिकता संबंधी सवालों पर अदालत का अगला आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।