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IIT दिल्ली छात्र की मौत पर उठे सवाल, अभिजीत दीपके बोले- शिक्षा व्यवस्था में बढ़ रहा छात्रों का डर

नई दिल्ली, कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आईआईटी दिल्ली के छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जहां छात्र बिना डर के अपनी समस्याएं साझा कर सकें और उन्हें हर स्तर पर सहयोग मिल सके।

दीपके ने कहा कि देश के युवाओं में अपने भविष्य को लेकर चिंता और असुरक्षा बढ़ रही है। इसे दूर करने के लिए केवल पढ़ाई और परीक्षा पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों की मानसिक स्थिति और उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आईआईटी जैसे संस्थानों को देश के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों में माना जाता है, लेकिन वहां भी छात्रों की खुदकुशी की घटनाएं चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार, पिछले वर्ष आईआईटी संस्थानों में 65 छात्रों की खुदकुशी की बात सामने आई है।

गौरतलब है कि आईआईटी दिल्ली के छात्र ऋषिकेश कुमार की 22 अगस्त को लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस के मुताबिक मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। वहीं, आईआईटी दिल्ली ने मामले की जांच के लिए बाहरी विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित करने का फैसला किया है।

अभिजीत दीपके ने इस दौरान कारोबारी सुभाष चंद्रा से जुड़े कर्ज के मामले को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि हजारों करोड़ रुपये के कर्ज का बड़ा हिस्सा सेटलमेंट के जरिए बेहद कम राशि में निपटाया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसी राहत किसी आम कर्जदार को भी मिल सकती है।

दीपके ने कहा कि आम लोगों को शिक्षा या आवास ऋण पर ब्याज सहित भुगतान करना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़े कर्ज की ऐसी राहत का आर्थिक बोझ आखिर किस पर पड़ता है। उनके मुताबिक, इस तरह के मामलों में आम जनता के टैक्स से जुड़े संसाधनों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।

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