मनुस्मृति विवाद में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत, नाजिया खान ने उठाए कई सवाल

नई दिल्ली। मनुस्मृति को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अब और तेज होता नजर आ रहा है। राहुल गांधी के बयान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली सुप्रीम कोर्ट की वकील और भाजपा नेता नाजिया खान ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। नाजिया खान ने कहा कि मनुस्मृति के एक अध्याय और कुछ शब्दों को संदर्भ से अलग करके पेश करने से गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई है।

नाजिया खान ने कहा कि वह मुस्लिम नाम और पहचान से जुड़ी होने के बावजूद भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर गर्व करती हैं। उन्होंने कहा कि वह कलमा और शहादा का पाठ करती हैं और जब वंदे मातरम गाती हैं तो उन्हें गर्व महसूस होता है। उन्होंने दावा किया कि उनके संस्कार और संस्कृति उन्हें हिंदू परंपराओं से भी गहराई से जोड़ते हैं।

भाजपा नेता ने राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति पर दिए गए बयान के साथ दिखाई गई तस्वीरों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तस्वीरें पृष्ठभूमि में दिखाई गईं, तो इसका उद्देश्य क्या था? नाजिया ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद क्या प्रधानमंत्री ने कभी लोगों से मनुस्मृति पढ़ने या उसका पालन करने को कहा है? क्या मोहन भागवत ने कभी ऐसा बयान दिया कि देश के लोगों को मनुस्मृति के अनुसार चलना चाहिए?

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। नाजिया खान ने अपने बयान में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का भी उल्लेख किया और कहा कि संविधान के पहले पन्ने पर भगवान राम का चित्र अंकित है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए नाजिया ने आरोप लगाया कि जो लोग भारत माता की जय और वंदे मातरम को लेकर सवाल उठाते हैं, उन्हें पितृसत्तावाद जैसे विषयों पर टिप्पणी करने से पहले अपने राजनीतिक रुख पर भी विचार करना चाहिए।

मनुस्मृति को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी शिकायत तक पहुंच गया है। मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है।

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