होर्मुज में तनाव घटा तो धड़ाम हुआ कच्चा तेल, WTI-ब्रेंट में तेज गिरावट

न्यूयार्क,  अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेज गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होने की खबरों के बाद बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका कमजोर हुई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा और निवेशकों ने बिकवाली बढ़ा दी।

अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2.43 प्रतिशत फिसलकर 80 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में भी लगभग 2.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा।

बुधवार सुबह भारतीय समयानुसार करीब 8 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड का अक्टूबर वायदा करीब 2 डॉलर यानी 2.43 प्रतिशत गिरकर 80.36 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। दूसरी ओर, ब्रेंट क्रूड का नवंबर वायदा 1.96 डॉलर यानी 2.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.31 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। इससे पहले मंगलवार को भी कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट हुई थी।

बाजार में इस गिरावट की प्रमुख वजह होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सामने आए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। ईरान और ओमान के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही सुचारु करने को लेकर बातचीत जारी है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देश एक अस्थायी समुद्री मार्ग बनाने और समुद्र में मौजूद बारूदी सुरंगों को हटाने जैसे विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां किसी भी तरह का तनाव बढ़ने पर तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने और आपूर्ति में कमी की आशंका पैदा हो जाती है। इसी वजह से तनाव कम होने की खबरों ने बाजार में राहत का माहौल बनाया है।

निवेशकों को अब उम्मीद है कि यदि समुद्री मार्ग पर आवागमन सामान्य रहता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव कम होगा। इसी उम्मीद के चलते पिछले दो कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है। हालांकि, आगे कीमतों की दिशा क्षेत्रीय तनाव और आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।

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