भारतीयों की पहली पसंद बन रहा मलेशिया, 2027 तक चलेगा अभियान

नई दिल्ली। भारतीय पर्यटकों के बीच मलेशिया की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए मलेशिया पर्यटन विभाग ने भारत में अपने प्रचार अभियान को और मजबूत करने की तैयारी की है। विभाग ने ‘विजिट मलेशिया 2026’ अभियान को अब 2027 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य भारतीय पर्यटन बाजार में मलेशिया की पकड़ मजबूत करना और अधिक यात्रियों को देश के नए पर्यटन स्थलों तक पहुंचाना है।

इसी कड़ी में मलेशिया पर्यटन विभाग ने 12 से 20 अगस्त के बीच चेन्नई, मुंबई और नई दिल्ली में बिक्री मिशन के दूसरे चरण का आयोजन किया। इसमें मलेशिया के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े 47 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें ट्रैवल ऑपरेटर, होटल कारोबारी और विमानन कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे। बैठकों में भारतीय पर्यटन कारोबारियों के साथ नए यात्रा पैकेज और कारोबारी अवसरों पर चर्चा हुई।

मलेशिया पर्यटन विभाग के महानिदेशक मोहम्मद अमीरुल रिजाल अब्दुल रहीम ने कहा कि भारत मलेशिया के सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ते विदेशी पर्यटन बाजारों में शामिल है। उन्होंने कहा कि भारतीय यात्रियों को आकर्षित करने के लिए लक्षित प्रचार अभियान चलाए जाएंगे और एयरलाइंस व ट्रैवल इंडस्ट्री के साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाया जाएगा।

मलेशिया अब भारतीय पर्यटकों को केवल कुआलालंपुर और जेंटिंग हाईलैंड्स तक सीमित नहीं रखना चाहता। विभाग की नजर सारावाक, लैंगकावी, पेनांग, जोहोर और सबाह जैसे पर्यटन स्थलों पर है। इन जगहों पर समुद्री द्वीप, प्राकृतिक सुंदरता, रोमांचक गतिविधियां, सांस्कृतिक विरासत, खान-पान, खरीदारी, पारिवारिक पर्यटन और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं।

दोनों देशों के बीच मजबूत हवाई संपर्क भी मलेशिया के लिए बड़ा फायदा है। भारत और मलेशिया के बीच हर सप्ताह 190 से अधिक सीधी उड़ानें संचालित होती हैं, जिनमें 37 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं।

दिसंबर 2023 में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा सुविधा शुरू होने के बाद मलेशिया जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में तेजी आई। वर्ष 2025 में भारत से 15 लाख से अधिक पर्यटक मलेशिया पहुंचे। इसके साथ भारत मलेशिया के शीर्ष पांच विदेशी पर्यटन बाजारों में शामिल हो गया।

अब अभियान को 2027 तक बढ़ाने का उद्देश्य इस वृद्धि को बनाए रखना और भारतीय यात्रियों के बीच मलेशिया के नए पर्यटन स्थलों की पहचान मजबूत करना है।

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