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CM हेल्पलाइन की समीक्षा में डीएम सख्त, बिना अनुमति गैरहाजिर अफसरों को नोटिस

उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शुक्रवार को अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने विभागवार लंबित प्रकरणों की स्थिति जानी और शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता तथा तेजी बरतने को कहा। बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए विशेष रूप से लंबे समय से लंबित मामलों पर नाराजगी जताई। उन्होंने पाया कि कई प्रकरण 36 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

डीएम ने कहा कि केवल पोर्टल पर शिकायत को निस्तारित दिखाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसकी समस्या को समझना और वास्तविक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में पूरी संवेदनशीलता बरतने के साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए इसमें दर्ज शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई की जानी चाहिए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग और निस्तारण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों के लिए प्रत्येक बुधवार शाम 4 बजे का समय समाधान के लिए निर्धारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान लंबित शिकायतों की प्रगति की समीक्षा करने के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को केवल औपचारिकता न बनाया जाए। शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना ही कार्रवाई का आधार होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों की उपस्थिति और शिकायतों की प्रगति को भी गंभीरता से लिया गया।

जिलाधिकारी के सख्त रुख के बाद अब लंबे समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण और अधिकारियों की जवाबदेही पर प्रशासन की निगरानी और बढ़ने की उम्मीद है।

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