भारतीय पुरुष हॉकी टीम एफआईएच हॉकी पुरुष विश्व कप 2026 में दमदार प्रदर्शन के इरादे से मैदान में उतरने के लिए तैयार है। बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत को पूल डी में जगह मिली है। टीम अपने अभियान की शुरुआत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ मुकाबले से करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से सामना होगा।
भारतीय टीम की नजर इस बार विश्व कप का खिताब जीतकर 51 साल का इंतजार खत्म करने पर है। भारत ने इससे पहले 1975 में हॉकी विश्व कप अपने नाम किया था। उस समय अजीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम ने इतिहास रचा था। अब टीम के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों से भी बड़ी उम्मीदें हैं।
विश्व कप के लिए चुनी गई टीम में गोलकीपर मोहित एचएस, डिफेंडर यशदीप सिवाच और मिडफील्डर राजिंदर सिंह तथा आदित्य अर्जुन लालगे जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है। हाल के मुकाबलों में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। ऐसे में इन खिलाड़ियों के पास विश्व मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा अवसर है।
23 वर्षीय मिडफील्डर आदित्य अर्जुन लालगे विश्व कप में खेलने को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि सीनियर खिलाड़ियों और कोचों के लगातार मार्गदर्शन से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। पूरी टीम एक लक्ष्य के साथ तैयारी कर रही है और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती है।
मिडफील्डर राजिंदर सिंह ने टीम की एकजुटता को सबसे बड़ी ताकत बताया। उनका मानना है कि मैदान के अंदर और बाहर खिलाड़ियों के बीच मजबूत तालमेल टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकलने में मदद करेगा।
वहीं डिफेंडर यशदीप सिवाच ने बताया कि विश्व कप की तैयारियां काफी कड़ी रही हैं। टीम ने फिटनेस, तकनीक और रणनीति के हर पहलू पर मेहनत की है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के साथ जरमनप्रीत सिंह और अमित रोहिदास जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का मार्गदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए काफी अहम साबित हो रहा है। अब नजर 15 अगस्त के मुकाबले पर है, जहां भारत जीत के साथ अपने विश्व कप अभियान का आगाज करना चाहेगा।