श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं को और अधिक व्यवस्थित करने के लिए अहम निर्णय लिया है। राम वेद विद्यालय, कारसेवकपुरम के प्रधानाचार्य आचार्य इंद्रदेव मिश्र को मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं का व्यवस्था प्रमुख नियुक्त किया गया है। वह दिसंबर 2026 तक राम मंदिर में होने वाले नित्य पूजन, वैदिक अनुष्ठान, यज्ञ और विभिन्न धार्मिक उत्सवों एवं कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे।
ट्रस्ट की ओर से अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य इंद्रदेव मिश्र लंबे समय से वेद और धार्मिक परंपराओं की सेवा से जुड़े हुए हैं। वैदिक अनुष्ठानों के आयोजन और उनकी व्यवस्थाओं में भी वह पहले महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उनकी विद्वत्ता, अनुभव, योग्यता और कार्यकुशलता को देखते हुए ट्रस्ट ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपने का निर्णय लिया है।
आचार्य मिश्र की जिम्मेदारी मुख्य रूप से मंदिर से जुड़े धार्मिक कार्यों तक सीमित रहेगी। मंदिर के समग्र संचालन और प्रशासनिक प्रबंधन की जिम्मेदारी पहले की तरह नरपत डुकिया के पास ही रहेगी। आचार्य इंद्रदेव मिश्र उनके सहयोगी के तौर पर कार्य करेंगे और धार्मिक गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने पर विशेष ध्यान देंगे।
खास बात यह है कि आचार्य मिश्र वर्तमान में राम वेद विद्यालय के प्रधानाचार्य भी हैं। ट्रस्ट के निर्णय के अनुसार उनकी नई जिम्मेदारी से विद्यालय की नियमित गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी। वह विद्यालय के कार्यों के साथ समन्वय बनाते हुए अपने अतिरिक्त समय में राम मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं का दायित्व निभाएंगे।
माना जा रहा है कि राम मंदिर में लगातार बढ़ रहे धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण है। नित्य पूजा से लेकर विशेष वैदिक अनुष्ठानों और उत्सवों तक सभी धार्मिक कार्यक्रमों के बेहतर समन्वय में आचार्य मिश्र की भूमिका अहम होगी। ट्रस्ट को उम्मीद है कि उनके अनुभव और वैदिक ज्ञान से मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाएं और अधिक व्यवस्थित एवं सुचारु बनेंगी।