तेहरान। ईरान के दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत स्थित केश्म द्वीप के पास गुरुवार रात दो तेज धमाकों की आवाज सुनाई देने से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रवेश द्वार पर ईरानी सशस्त्र बलों और शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों के बीच हुई सैन्य गतिविधि के दौरान ये धमाके हुए। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केश्म द्वीप और प्रांतीय राजधानी बंदर अब्बास पर किसी प्रकार के हमले या नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मोजगान के राजनीतिक, सुरक्षा एवं सामाजिक मामलों के डिप्टी गवर्नर ने बताया कि संबंधित एजेंसियां धमाकों के वास्तविक कारणों की जांच कर रही हैं। वहीं सूत्रों का दावा है कि ईरानी नौसेना को इस अभियान में महत्वपूर्ण सफलता मिली है, जिसकी आधिकारिक जानकारी जल्द जारी की जा सकती है।
इसी बीच क्षेत्रीय तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक पहल की खबर भी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 60 दिनों के लिए दोबारा खोलने की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। हालांकि इस समझौते को अभी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद इसकी औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले जहाज ईरान की ओर वाले समुद्री मार्ग का उपयोग करेंगे, जबकि बाहर निकलने वाले जहाज ओमान की ओर के मार्ग से गुजरेंगे। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान किसी भी जहाज से ट्रांजिट शुल्क या अतिरिक्त सेवा शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही समुद्री मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए माइन हटाने और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में संबंधित पक्षों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि समझौते को मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच पहले से मौजूद शांति समझौते के प्रावधानों को फिर सक्रिय किया जा सकता है। इसके तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू करने और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के माध्यम से बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जिससे क्षेत्र में तनाव कम होने और वैश्विक व्यापार को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।