देहरादून में ओवरलोडिंग और ड्रंक ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए मंगलवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों को समयबद्ध और ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने बरसात के कारण सड़कों पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने तथा बारिश के बाद सड़क मरम्मत का काम तुरंत शुरू कराने के निर्देश दिए।

एनएचएआई को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर आशारोड़ी से डाटकाली टनल तक दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपाय तेज करने को कहा गया। इसके तहत मोड़ों और चौराहों पर सड़क चौड़ीकरण, रम्बल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट और अन्य जरूरी सुरक्षा कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता होने पर अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराने को भी कहा गया। साथ ही सभी अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग बंद करने के आदेश दिए गए।

डीएम ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें आम जनता की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने प्रवर्तन कार्रवाई के साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। स्कूल बसों और अन्य विद्यालयी वाहनों की नियमित जांच करने, फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने ड्रंक एंड ड्राइव, बिना हेलमेट दोपहिया चलाने और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। ओवरलोडिंग और अनफिट वाहनों पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा गया।

बैठक में सड़क किनारे और प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, चेतावनी संकेत, सीसीटीवी कैमरे, डिवाइडर, येलो लाइन और स्पीड डिस्प्ले बोर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। टोल बैरियर से पहले आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर लगाने को भी कहा गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की हर माह समीक्षा की जाएगी और निर्देशों के अनुपालन की नियमित निगरानी होगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.