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राज्यसभा से पास हुआ लोक परीक्षा संशोधन बिल, जानें क्या बदलेगा?

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा ने लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सदन में विधेयक पर चर्चा के बाद विपक्ष की ओर से लाए गए कुछ संशोधन प्रस्तावों पर विचार किया गया, लेकिन अंततः उन्हें स्वीकार नहीं किया गया और बिल को बहुमत के आधार पर मंजूरी मिल गई।

कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसद जॉन ब्रिटास, ए.ए. रहीम, हारिस बीरान और संतोष कुमार पी. ने विधेयक की कुछ धाराओं में संशोधन के लिए नोटिस दिया था। हालांकि, जब इन प्रस्तावों पर चर्चा का समय आया तो संबंधित सदस्य सदन में उपस्थित नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति के कारण उनके संशोधन प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जा सका और वे स्वतः निरस्त हो गए।

इसके बाद सांसद पी. विल्सन और तिरुची शिवा ने अपने संशोधन प्रस्ताव सदन के समक्ष प्रस्तुत किए। इन प्रस्तावों पर संक्षिप्त चर्चा हुई, लेकिन सदन ने उन्हें ध्वनिमत से खारिज कर दिया। संशोधन प्रस्तावों के अस्वीकार होने के बाद लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक को मूल स्वरूप में ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

संसदीय प्रक्रिया के तहत किसी विधेयक पर सांसदों को संशोधन प्रस्ताव रखने का अधिकार होता है। यदि सदन उन संशोधनों को स्वीकार नहीं करता तो विधेयक अपने मूल प्रारूप में पारित किया जाता है। इसी प्रक्रिया का पालन करते हुए राज्यसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी।

विधेयक के पारित होने के साथ ही यह संसद के दोनों सदनों से स्वीकृत हो गया। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह संशोधन कानून का रूप ले लेगा और संबंधित प्रावधान लागू हो जाएंगे।

संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक का राज्यसभा से पारित होना भी इसी क्रम की एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

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