कोल माइंस की जमीन पर ऐसा क्या हुआ कि पुलिस पर टूट पड़े ग्रामीण?

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शुक्रवार को भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान बड़ा बवाल हो गया। मदन नगर स्थित एसईसीएल की प्रस्तावित कोल माइंस के लिए अधिग्रहित जमीन पर कब्जा लेने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम का ग्रामीणों ने जोरदार विरोध किया। देखते ही देखते विरोध हिंसक झड़प में बदल गया, जिसमें डीएसपी राजेश जोशी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों में महिला जवान भी शामिल हैं।

प्रशासन के अनुसार, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम कानूनी प्रक्रिया के तहत अधिग्रहित भूमि का सीमांकन और कब्जा लेने पहुंची थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। आरोप है कि विरोध के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। भगदड़ में कई पुलिसकर्मी गिरकर घायल हो गए, जबकि कई जवानों के सिर में गंभीर चोटें आईं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की पांच बसों सहित कई सरकारी वाहनों में भी तोड़फोड़ की।

घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और आसपास के पांच जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी घायलों का इलाज नजदीकी अस्पतालों में चल रहा है।

वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि एसईसीएल द्वारा दिया जा रहा मुआवजा करीब 12 साल पुराने दरों के अनुसार तय किया गया है, जो वर्तमान बाजार मूल्य की तुलना में बेहद कम है। ग्रामीणों का दावा है कि कई किसानों ने अब तक मुआवजा स्वीकार नहीं किया है और प्रशासन ने बातचीत के बजाय भारी पुलिस बल के साथ उनकी कृषि भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की, जिससे तनाव बढ़ गया।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

 

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