उत्तराखंड में बारिश का रेड अलार्म! रात में मसूरी रोड क्यों हुई बंद?

उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए भारी बारिश और भूस्खलन का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि मैदानी इलाकों में भी जलभराव और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।

सुरक्षा के मद्देनजर देहरादून-मसूरी मार्ग पर रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

प्रदेश में भारी बारिश के चलते अब भी 51 मुख्य सड़कें बंद हैं, जिससे कई ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हुआ है। जौनसार-बावर सहित कई पर्वतीय इलाकों में सड़कें बंद होने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। देहरादून के बालूवाला क्षेत्र में एक पोल्ट्री फार्म बारिश के कारण ढह गया, जिससे मलबे में दबकर करीब 200 चूजों की मौत हो गई। इस घटना से पशुपालक को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, डंगोली क्षेत्र में सबसे अधिक 35.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि कई शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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