उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन के साथ पशुपालकों की आजीविका पर भी गहरा असर डाला है। मोरी विकासखंड के फतेपर्वत क्षेत्र स्थित चांगसील बुग्याल में मंगलवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 150 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई। इस घटना से आधा दर्जन से अधिक पशुपालक परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने के लिए मौके पर रवाना हो गई।
स्थानीय निवासी जगदीश सिंह कुंवर ने बताया कि देर रात तेज बारिश और गरज-चमक के बीच बिजली गिरने की घटना हुई। बुधवार सुबह जब पशुपालक अपने झुंड को देखने पहुंचे तो बड़ी संख्या में भेड़-बकरियां मृत अवस्था में मिलीं। मृत पशुओं में वीरभद्र, तालीराम, गुरुदेव, गुड्डू सिंह, ताली सहित कई पशुपालकों की भेड़-बकरियां शामिल हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के अधिकांश परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार पशुपालन है। ऐसे में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत ने उन्हें आर्थिक संकट में डाल दिया है। प्रभावित परिवारों ने शासन-प्रशासन से जल्द नुकसान का सर्वे कर उचित मुआवजा देने की मांग की है। मोरी के नायब तहसीलदार सरदार सिंह चौहान ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई स्थानों पर घंटों तक बाधित रहे। गंगोत्री हाईवे पर नेताला, चड़ेथी और धरासू बैंड के पास भूस्खलन से मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। नेताला क्षेत्र में एक वाहन मलबे में फंस गया, जिसे बाद में बीआरओ ने मार्ग साफ कर सुरक्षित निकाला।
यमुनोत्री हाईवे पर पालीगाड़, सिलाई बैंड, हनुमानचट्टी, जंगलचट्टी और चामी के पास भी मलबा आने से सड़क बंद रही। एनएच की टीम ने जेसीबी की मदद से कई घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया, जिसके बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।