चौथे दिन भी बंद रही अमरनाथ यात्रा, आखिर कब मिलेगा श्रद्धालुओं को रास्ता?

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में लगातार खराब मौसम के चलते श्री अमरनाथ यात्रा सहित प्रदेश की चार प्रमुख धार्मिक यात्राएं चौथे दिन भी शुरू नहीं हो सकीं। भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा, शिव खोड़ी यात्रा और मचैल माता यात्रा पर फिलहाल रोक बरकरार रखी है। इससे हजारों श्रद्धालु विभिन्न पड़ावों और बेस कैंपों में फंसे हुए हैं।

प्रशासन ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की चेतावनी के बाद 18 जुलाई की शाम से अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्ग—बालटाल और पहलगाम—पर आवाजाही रोक दी थी। इसी के साथ कटरा स्थित माता वैष्णो देवी धाम, रियासी के शिव खोड़ी मंदिर और किश्तवाड़ की मचैल माता यात्रा भी एहतियात के तौर पर स्थगित कर दी गई थी।

हालांकि यात्रा रोकने के बाद पहलगाम मार्ग के अंतिम पड़ाव पंचतरणी और बालटाल बेस कैंप में पहले से मौजूद श्रद्धालुओं को 19 और 20 जुलाई को सीमित संख्या में बाबा बर्फानी के दर्शन की अनुमति दी गई थी। लेकिन इसके बाद लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रा पूरी तरह रोक दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास और निकट स्थित आशा राम बापू आश्रम में अभी भी छह हजार से अधिक श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि दो हजार से अधिक यात्री यात्रा स्थगित होने के कारण अपने-अपने राज्यों के लिए लौट चुके हैं। वहीं गीता भवन में करीब 250 और पुरानी मंडी स्थित राम मंदिर में लगभग 200 साधु भी ठहरे हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई समाजसेवी संस्थाएं लगातार लंगर और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।

दूसरी ओर, पहलगाम के नंदीवान बेस कैंप में लगभग 2800 श्रद्धालु फंसे हुए हैं। इसके अलावा श्रीनगर के पंथा चौक यात्री निवास, बालटाल और रामबन के चंदरकोट यात्री निवास में भी सैकड़ों श्रद्धालु रुके हुए हैं। मौसम विभाग ने 24 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और खराब मौसम की संभावना जताई है। ऐसे में यात्राओं के दोबारा शुरू होने पर अंतिम निर्णय मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा लिया जाएगा।

 

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