साहिबाबाद रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने का असर लगातार दूसरे दिन भी रेल परिचालन पर देखने को मिला। बुधवार को भी दिल्ली मंडल में ट्रेनों की आवाजाही सामान्य नहीं हो सकी। लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से तीन से पांच घंटे की देरी से दिल्ली के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर पहुंचीं। वहीं, उपनगरीय और लोकल रेल सेवाओं पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनास्थल पर ट्रैक को दुरुस्त करने और मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। जब तक ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहने की संभावना है। ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, गाजियाबाद और अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई यात्रियों को घंटों तक प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी।
रेलवे ने बुधवार को कुल 30 लोकल और पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया। इनमें हिसार-नई दिल्ली, रेवाड़ी-दिल्ली, अलीगढ़-पुरानी दिल्ली, अलीगढ़-नई दिल्ली, खुर्जा-शकूरबस्ती, टुंडला जंक्शन-पुरानी दिल्ली, पलवल-नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली-गाजियाबाद, नई दिल्ली-गाजियाबाद, मथुरा-नई दिल्ली सहित कई महत्वपूर्ण रूटों की ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों के रद्द होने से रोजाना नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक बहाली का कार्य तेजी से किया जा रहा है और स्थिति सामान्य होते ही प्रभावित ट्रेनों का संचालन बहाल कर दिया जाएगा। फिलहाल यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था अपनाने और रेलवे की आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।