नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गई है। सोमवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से अपना वादा पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से किया गया राज्य का दर्जा लौटाने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उनका यह आंदोलन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को उनके उस आश्वासन की याद दिलाने के लिए है, जो उन्होंने संसद, जम्मू-कश्मीर की जनता और उच्चतम न्यायालय के समक्ष दिया था।
फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए केंद्र सरकार को जल्द से जल्द पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मांग को लेकर लगातार लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करती रहेगी और जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी।
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35ए के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करते हुए जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन किया था। इसके तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। तभी से जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग लगातार उठती रही है।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र चौधरी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपनी मांग रखने के लिए उन्हें दिल्ली आकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में पार्टी ने केंद्र से अपने वादे को जल्द पूरा करने की अपील की है।