उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी स्थित आईटीबीपी अकादमी परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों और हिम प्रहरियों के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए तथा सभी से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपरा में हरेला प्रकृति के प्रति आस्था और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने आईटीबीपी द्वारा चलाए जा रहे वृक्षारोपण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले हिम प्रहरी पर्यावरण संरक्षण में भी प्रेरणादायक योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण देने का संकल्प है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखे, तो पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है।
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का कर्तव्य है। जलवायु परिवर्तन और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्रकृति के संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर इस दिशा में कार्य करें, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, हरियाली और समृद्ध प्राकृतिक धरोहर मिल सकेगी। हरेला जैसे लोकपर्व इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।
इस अवसर पर टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी, हिम प्रहरी, जवान तथा बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।