ऋषिकेश की विस्थापित कॉलोनी में नशा करने से रोकने पर बेटे द्वारा अपनी ही बुजुर्ग मां को गोली मारने की घटना के बाद उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पूरे प्रदेश में अवैध नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की घोषणा की है। इस अभियान की शुरुआत स्वयं कुसुम कण्डवाल अपने गृह नगर ऋषिकेश से करेंगी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नशे का आदी आरोपी सुमित गौड़ अपनी 63 वर्षीय मां ऊषा देवी को नशा करने से रोकने पर तमंचे से गोली मारकर फरार हो गया था। गंभीर रूप से घायल महिला का उपचार एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। घटना को बेहद दुखद और अमानवीय बताते हुए कुसुम कण्डवाल ने तत्काल ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक (एसओ) से फोन पर बात कर आरोपी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि वह अस्पताल जाकर पीड़ित महिला का हालचाल लेंगी।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों पर गंभीर चोट है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी देवभूमि उत्तराखंड की युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही है और परिवारों को तोड़ने का काम कर रही है। ऐसे में इस सामाजिक बुराई के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने की जरूरत है।
कुसुम कण्डवाल ने बताया कि महिला आयोग पुलिस प्रशासन के सहयोग से पूरे राज्य में अवैध नशे के खिलाफ सघन जनजागरूकता अभियान चलाएगा। इस मुहिम में प्रदेश की मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। महिलाओं के सहयोग से गांव-गांव और शहर-शहर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने हमेशा सामाजिक सुधार और जनहित के आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाई है। अब उसी शक्ति के सहयोग से युवाओं और परिवारों को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का प्रयास किया जाएगा। आयोग का लक्ष्य इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से पूरे उत्तराखंड में एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देना है।