मुंबई। पिछले सप्ताह मोहर्रम की छुट्टी के कारण भारतीय शेयर बाजार में केवल चार कारोबारी सत्र हुए, लेकिन इन चार दिनों के दौरान निवेशकों ने जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा। सप्ताह की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई, लेकिन मंगलवार की भारी बिकवाली ने बाजार की दिशा बदल दी। हालांकि, सप्ताह के मध्य और अंतिम सत्रों में बाजार ने मजबूत वापसी करते हुए निवेशकों का भरोसा कायम रखा।
सोमवार को बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। सेंसेक्स 423 अंकों की मजबूती के साथ 77,226 पर खुला और कारोबार के दौरान 77,325 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। कारोबार समाप्त होने तक सेंसेक्स 291 अंक और निफ्टी 89 अंक की बढ़त के साथ बंद हुए। इससे पिछले सप्ताह के कमजोर प्रदर्शन के बाद निवेशकों को राहत मिली।
हालांकि, मंगलवार को बाजार का रुख अचानक बदल गया। शुरुआती बढ़त के बावजूद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की, जिससे सेंसेक्स करीब 900 अंक तक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी भी 23,900 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिसने बाजार पर दबाव बढ़ाया।
बुधवार को बाजार ने शानदार वापसी की। सेंसेक्स कारोबार के दौरान 900 अंकों से अधिक चढ़ गया, जबकि निफ्टी 24,050 के अहम स्तर को पार करने में सफल रहा। वित्तीय और आईटी क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब दो लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गुरुवार को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। सेंसेक्स 109 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ और निफ्टी भी 24,050 के ऊपर बना रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बाजार की मजबूती बरकरार है, लेकिन देश में मॉनसून की धीमी प्रगति चिंता का विषय बनी हुई है। कमजोर बारिश कृषि उत्पादन, ग्रामीण मांग और आर्थिक विकास की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है, जिस पर आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर बनी रहेगी।