देहरादून। जनपद में 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस के तहत व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पोलियो उन्मूलन अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि कोई पात्र बच्चा खुराक से वंचित पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है और इसे शत-प्रतिशत सफलता दिलाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में बताया गया कि 28 जून को जनपद में कुल 1505 बूथों के माध्यम से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इनमें 1399 स्थायी बूथ, 82 ट्रांजिट बूथ और 24 मोबाइल बूथ शामिल हैं। इसके बाद 29 जून से 4 जुलाई तक स्वास्थ्य विभाग की 1362 से अधिक टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का कार्य करेंगी। अभियान के प्रभावी संचालन के लिए 444 पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गई है।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को वैक्सीन, दवाओं, वैक्सीन कैरियर, प्रचार सामग्री और आवश्यक मानव संसाधनों की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों, दुर्गम गांवों और प्रवासी आबादी वाले इलाकों पर विशेष ध्यान देने को कहा।
शिक्षा विभाग को स्कूलों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, जबकि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए परिवारों तक पहुंच बनाने को कहा गया। पंचायती राज विभाग और पुलिस प्रशासन को भी अभियान के सफल संचालन में सक्रिय सहयोग देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दिनेश चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनपद का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।