पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में प्रेम विवाह के बाद कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने का मामला सामने आया है। गंगोलीहाट क्षेत्र निवासी एक युवक की शिकायत पर पुलिस ने उसकी पत्नी समेत पांच ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण के सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
शिकायतकर्ता विवेक सिंह का आरोप है कि करीब छह वर्ष पूर्व दिल्ली में नौकरी के दौरान उसकी मुलाकात यास्मीन नाम की युवती से हुई थी। दोनों के बीच निकटता बढ़ने के बाद वर्ष 2020 में गंगोलीहाट में हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न हुआ। युवक का आरोप है कि विवाह के बाद धीरे-धीरे उस पर मुस्लिम धर्म स्वीकार करने का दबाव बनाया जाने लगा।
पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2022 में पुत्र के जन्म के बाद बिना उसकी जानकारी के बच्चे का खतना करा दिया गया। साथ ही बच्चे के नाम से जुड़े दस्तावेजों में भी बदलाव करने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसके साथ मानसिक उत्पीड़न किया गया और वर्ष 2026 में मारपीट की घटनाएं भी हुईं। युवक का यह भी आरोप है कि उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़े सभी तथ्यों, दस्तावेजों और आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। शिकायतकर्ता ने प्रकरण के पीछे किसी संगठित नेटवर्क की आशंका जताते हुए आरोपियों के वित्तीय स्रोतों की भी जांच कराने की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर पहलू पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।