केरल में तेजी से फैल रहा शिगेला संक्रमण, कोझिकोड में क्यों घोषित हुआ आउटब्रेक?

केरल में शिगेला बैक्टीरिया का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान संक्रमण के 15 नए मामले सामने आए हैं। इनमें सबसे अधिक आठ मरीज कोझिकोड जिले से मिले हैं। जून महीने में अब तक शिगेला संक्रमण के 165 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि छह लोगों की मौत हो चुकी है। इस वर्ष राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 241 तक पहुंच गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नए मामलों में कोझिकोड के अलावा मलप्पुरम से तीन, वायनाड से दो तथा कन्नूर और कोल्लम से एक-एक मरीज शामिल हैं। संक्रमण के तेजी से फैलने के कारण कोझिकोड जिले में अब तक 57 मामले दर्ज होने के बाद प्रशासन ने इसे शिगेला संक्रमण का आउटब्रेक घोषित कर दिया है। इसके अलावा वायनाड में 22, त्रिशूर में 12 और अलप्पुझा में तीन मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। राज्य के अन्य प्रभावित जिलों में मलप्पुरम, तिरुवनंतपुरम, कन्नूर, कोल्लम, इडुक्की, एर्नाकुलम और पलक्कड़ भी शामिल हैं।

चिकित्सकों का कहना है कि शिगेला एक अत्यधिक संक्रामक जीवाणु संक्रमण है, जो मुख्य रूप से दूषित पानी, अस्वच्छ भोजन और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, पेट में ऐंठन, मरोड़ और गंभीर दस्त शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से उबला हुआ पानी पीने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य पदार्थों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।

इसी बीच, निपाह वायरस को लेकर भी राहत भरी खबर सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निपाह संक्रमित मरीज के संपर्क में आए 11 कम जोखिम वाले लोगों ने 21 दिनों की आइसोलेशन अवधि बिना किसी लक्षण के पूरी कर ली है और उन्हें निगरानी से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, राज्य का एकमात्र सक्रिय निपाह संक्रमित मरीज अभी भी गंभीर स्थिति में है और उसे कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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