नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो विवाद ने अब नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। गुरुग्राम में दर्ज एक एफआईआर को आधार बनाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है और उनसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। भाजपा का आरोप है कि विवादित वीडियो को “डीपफेक” साबित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक साक्ष्य तैयार करने की कोशिश की गई।
भाजपा नेता आरपी सिंह ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डीएलएफ सेक्टर-29 थाने में एफआईआर संख्या 0263 दर्ज की है। उनके अनुसार, इस मामले में संगठित अपराध, धोखाधड़ी, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में कथित जालसाजी और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
आरपी सिंह का आरोप है कि विवादित वीडियो को नकली या डीपफेक साबित करने के उद्देश्य से कुछ व्यक्तियों ने स्वतंत्र साइबर और फॉरेंसिक लैब के नाम पर रिपोर्ट तैयार कराईं। उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान इन संस्थाओं की वैधता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे हैं, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हुआ है।
भाजपा नेता ने कहा कि जिन फॉरेंसिक रिपोर्टों के आधार पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को क्लीन चिट देने का प्रयास किया गया था, उनकी प्रमाणिकता अब जांच के दायरे में है। उनका कहना है कि मामला केवल एक वीडियो विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सरकारी तंत्र के संभावित दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और जनमत को प्रभावित करने के प्रयास जैसे गंभीर पहलू भी शामिल हो सकते हैं।
आरपी सिंह ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यापक जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि आरोप जांच में सही साबित होते हैं तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के विश्वास के लिए गंभीर चुनौती होगी। हालांकि, इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान या पंजाब सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।