देहरादून। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि आस्था के केंद्र से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होना आवश्यक है।
देहरादून के राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आलोक शर्मा ने आरोप लगाया कि श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में सरकार और संबंधित संस्थाओं को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न सरकारी उपलब्धियों का श्रेय स्वयं लेते रहे हैं, ऐसे में राम मंदिर से जुड़े विवादों की नैतिक जिम्मेदारी से भी उन्हें अलग नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीतिक लाभ प्राप्त किया और अब मंदिर से जुड़े मामलों में उठ रहे सवालों पर चुप्पी साधी हुई है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराओं और धार्मिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी आरोपों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
आलोक शर्मा ने दावा किया कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ सदस्यों द्वारा भी चढ़ावे के उपयोग को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भूमि खरीद से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, लेकिन उन मामलों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े एक इंजीनियर द्वारा कमीशनखोरी के आरोप लगाए गए थे और ऐसे मुद्दों को उठाने वाले कुछ लोगों को ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया।
कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। पार्टी ने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने, कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज करने तथा मंदिर से संबंधित बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने की भी मांग की है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, मनोज सैनी और देवेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।