293 रन पर क्यों रुक गए सहवाग? सालों बाद बताया तिहरा शतक छूटने का दर्द

 नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के सबसे विस्फोटक सलामी बल्लेबाजों में शुमार Virender Sehwag ने अपने करियर से जुड़ा एक दिलचस्प और भावुक किस्सा साझा किया है। सहवाग ने खुलासा किया कि वह अपने टेस्ट करियर का तीसरा तिहरा शतक बनाने के बेहद करीब थे, लेकिन तत्कालीन कप्तान Rahul Dravid की एक सलाह मानने के कारण यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल नहीं कर सके।

यह घटना वर्ष 2009 में श्रीलंका के खिलाफ मुंबई टेस्ट मैच की है। उस मुकाबले में सहवाग अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वह 284 रन बनाकर नाबाद थे और तिहरे शतक से सिर्फ 16 रन दूर थे। भारतीय टीम मजबूत स्थिति में थी और सहवाग के पास न केवल 300 रन बल्कि उससे भी बड़ा स्कोर बनाने का मौका था।

सहवाग के अनुसार, दिन का खेल खत्म होने से पहले राहुल द्रविड़ ने उन्हें सलाह दी कि अब जोखिम उठाने की जरूरत नहीं है। द्रविड़ ने कहा कि अगले दिन ताजा शुरुआत के साथ वह आसानी से तिहरा शतक पूरा कर सकते हैं और शायद 400 रन तक भी पहुंच सकते हैं। सहवाग को यह सलाह उस समय सही लगी और उन्होंने अपनी स्वाभाविक आक्रामक बल्लेबाजी छोड़कर सावधानी से खेलना शुरू कर दिया।

हालांकि अगले दिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। सहवाग 293 रन के स्कोर पर आउट हो गए। श्रीलंका के महान स्पिनर Muttiah Muralitharan ने अपनी ही गेंद पर उनका कैच पकड़कर उन्हें तिहरे शतक से महज सात रन दूर रोक दिया।

सहवाग ने कहा कि बाद में उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें दूसरे दिन भी अपने स्वाभाविक अंदाज में खेलना चाहिए था। उन्होंने मजाकिया लहजे में स्वीकार किया कि इस घटना के बाद उन्होंने द्रविड़ को उनकी सलाह के लिए खूब कोसा था। 254 गेंदों में 293 रन, 40 चौके और 7 छक्कों से सजी यह पारी आज भी टेस्ट क्रिकेट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है और सहवाग के निडर अंदाज की मिसाल बनी हुई है।

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