देहरादून। उत्तराखंड के उच्च शिक्षा और कृषि अनुसंधान क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक नियुक्ति में राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट को वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार (पौड़ी गढ़वाल) का नया कुलपति नियुक्त किया है। इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर कार्य करेंगे। उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
डॉ. भट्ट वर्तमान में नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के पद पर कार्यरत हैं। कृषि, बागवानी और अनुसंधान क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा जाता रहा है।
वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय राज्य का प्रमुख कृषि एवं वानिकी शिक्षण संस्थान है, जो बागवानी, वानिकी, कृषि अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक शोध के माध्यम से कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र को मजबूत करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. भट्ट के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में अनुसंधान गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक एवं तकनीकी अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही कृषि और बागवानी क्षेत्र में नवाचार आधारित परियोजनाओं को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
राज्यपाल द्वारा की गई यह नियुक्ति उच्च शिक्षा और कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विश्वविद्यालय परिवार और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने डॉ. भगवती प्रसाद भट्ट को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं।