नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए देश के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। बुधवार को उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने के साथ ही उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद वर्ष 2019 और 2024 के आम चुनावों में लगातार जीत दर्ज कर उन्होंने तीसरी बार केंद्र की सत्ता संभाली। इसी के साथ उनका नाम भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में एक नए कीर्तिमान के रूप में दर्ज हो गया है।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में एक विशेष बैठक आयोजित की। कार्यक्रम में भाजपा और एनडीए शासित 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए उनके नेतृत्व और कार्यशैली की सराहना की।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ एनडीए नेताओं ने सामूहिक तस्वीरें भी खिंचवाईं। कार्यक्रम के बाद आयोजित एक अनौपचारिक मिलन समारोह में नेताओं ने पश्चिम बंगाल के लोकप्रिय व्यंजन ‘झालमुड़ी’ का आनंद लिया। पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने हाथों से झालमुड़ी परोसकर खिलाई। इस दौरान नेताओं के बीच आत्मीयता और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
एनडीए नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत ने बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, आर्थिक विकास, वैश्विक कूटनीति और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। बैठक में भविष्य की राजनीतिक रणनीति और विकास संबंधी एजेंडे पर भी चर्चा की गई।
भाजपा और एनडीए ने प्रधानमंत्री मोदी की इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो देश की राजनीति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।