रुड़की। नगर क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और पार्षदों के बाद अब रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल ने भी इस योजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को आम जनता के लिए परेशानी बढ़ाने वाला कदम बताते हुए इस पर पुनर्विचार की मांग की है।
पूर्व मेयर गौरव गोयल ने कहा कि वर्तमान में अधिकांश घरों में लगे बिजली मीटर सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाने का कोई औचित्य नजर नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के पीछे कुछ ठेकेदारों और निजी कंपनियों के हित जुड़े हो सकते हैं, जिससे लोगों के मन में संदेह और असंतोष की भावना पैदा हो रही है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई लोग बिलिंग व्यवस्था, रिचार्ज प्रणाली और संभावित अतिरिक्त खर्च को लेकर चिंतित हैं। यही कारण है कि विभिन्न क्षेत्रों में लोग इसका विरोध कर रहे हैं और स्थानीय पार्षद भी जनता की चिंताओं को सामने ला रहे हैं।
गौरव गोयल का कहना है कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले जनता को उसकी पूरी जानकारी देना और उनकी आशंकाओं का समाधान करना आवश्यक है। यदि उपभोक्ता स्वयं को असहज महसूस कर रहे हैं, तो विभाग को उनकी बात सुननी चाहिए और योजना की समीक्षा करनी चाहिए।
पूर्व मेयर ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर के मुद्दे को लेकर वे राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर सभी सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं और विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने की पहल करेंगे। उनका उद्देश्य जनता की समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम नागरिकों से जुड़ा विषय है। इसलिए सभी वर्गों को मिलकर जनता की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाना चाहिए। फिलहाल स्मार्ट मीटरों को लेकर रुड़की में बहस और विरोध का माहौल बना हुआ है तथा लोगों की निगाहें अब विद्युत विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।