टीईटी अनिवार्यता खत्म करने की मांग पर शिक्षकों का शक्ति प्रदर्शन, सरकार को दी बड़ी चेतावनी

 देहरादून। अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने सोमवार को राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में शिक्षकों ने रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।

शिक्षकों की रैली परेड ग्राउंड से शुरू हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सचिवालय की ओर बढ़ी। रैली लैंसडाउन चौक, दर्शनलाल चौक, घंटाघर और एस्लेहॉल चौक से होकर सचिवालय के निकट पहुंची। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद शिक्षकों ने वहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार उपेक्षा के कारण शिक्षकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करना, जूनियर हाईस्कूलों के लिए पृथक संचालन व्यवस्था और त्रिस्तरीय कैडर लागू करना, 17140 वेतनमान की वसूली से शिक्षकों को मुक्त रखना, प्रारंभिक शिक्षकों के लिए तीन पदोन्नतियों की व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रणाली लागू करना शामिल है।

संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक है।

प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा, प्रदेश महामंत्री जगवीर खरोला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश चौहान, कोषाध्यक्ष मनोज शाह, वरिष्ठ संयुक्त मंत्री सुरेश भट्ट, सलाहकार कुंवर सिंह राणा, देहरादून अध्यक्ष सूरज मंद्रवाल, पौड़ी अध्यक्ष भगत भंडारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी विपिन मेहता सहित प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों शिक्षक शामिल रहे।

शिक्षकों ने सरकार से संवाद के माध्यम से जल्द समाधान निकालने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

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