गिरावट के बाद संभला शेयर बाजार, क्या RBI का फैसला तय करेगा अगली बड़ी चाल?

 मुंबई। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की सतर्कता के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बावजूद घरेलू बाजार ने अंत में सकारात्मक रुख बनाए रखा।

कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 14 अंक की बढ़त के साथ 74,360 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 50 भी 11 अंक मजबूत होकर 23,416 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि दिन की शुरुआत कमजोर रही थी और शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

बाजार में बड़ी कंपनियों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.49 फीसदी और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.46 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इससे निवेशकों का रुझान मध्यम और छोटी कंपनियों की ओर अधिक दिखाई दिया।

निफ्टी 50 के शेयरों में सबसे अधिक तेजी क्वालिटी वॉल्स में देखने को मिली, जिसके शेयर करीब 16.50 फीसदी उछले। इसके अलावा टाइटन कंपनी, कोल इंडिया और सिप्ला के शेयरों में भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर, इंफोसिस सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा, जिसमें 1.75 फीसदी की गिरावट आई। बजाज फिनसर्व, हिंडाल्को, एसबीआई लाइफ और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर भी दबाव में रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया, पर्यटन, कैपिटल मार्केट, ऊर्जा, रक्षा और फार्मा क्षेत्रों में अच्छी तेजी देखने को मिली। वहीं, मेटल सेक्टर में गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की नजर अब शुक्रवार को आने वाले भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले पर टिकी है। ब्याज दरों और आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर आरबीआई के संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

इसके साथ ही मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों को सतर्क कर रखा है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय निवेशकों की धारणा पर भी देखा जा रहा है।

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