जैसलमेर। Jaisalmer में सामने आई एक दर्दनाक घटना ने गौ संरक्षण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर परिषद के डंपिंग यार्ड में बड़ी संख्या में मृत गायों के सड़े हुए शव मिलने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में खुले मैदान में सैकड़ों गायों के शव दिखाई देने के बाद स्थानीय लोग, गौ सेवक और सामाजिक संगठन प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक जैसलमेर जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर रामगढ़ मार्ग पर नगर परिषद का कचरा डंपिंग यार्ड स्थित है। रविवार को वायरल हुए वीडियो में बड़ी संख्या में मृत पशुओं के शव पड़े दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से मृत पशुओं के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण यह भयावह स्थिति पैदा हुई। लोगों का कहना है कि इलाके में कई दिनों से बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ था, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
बताया जा रहा है कि नगर परिषद ने मृत पशुओं के निस्तारण का जिम्मा एक अधिकृत हड्डी ठेकेदार को दे रखा था। आरोप है कि समय पर शवों को हटाने और वैज्ञानिक तरीके से उनका निस्तारण नहीं किए जाने के कारण डंपिंग यार्ड में शवों का ढेर लग गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और गौ प्रेमियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर Anupama Jorwal ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं नगर परिषद आयुक्त Lajpal Singh Sodha ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। प्रशासन का कहना है कि डंपिंग यार्ड से मृत पशुओं को हटाकर उनका निस्तारण शुरू कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने गौशालाओं में बेहतर सुविधाएं, पर्याप्त चारा-पानी और पशुओं के समय पर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। गौ सेवकों का कहना है कि गाय को माता का दर्जा देने वाले समाज में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।