बेंगलुरु। Karnataka के उत्तर कन्नड़ जिले में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है। थट्टे हक्कलू नदी में सीपियां इकट्ठा करने उतरे एक ही परिवार के 11 लोग तेज बहाव में बह गए। अब तक 10 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति की तलाश में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इस हादसे में सात महिलाओं की भी मौत हुई है।
जानकारी के अनुसार यह घटना भटकल तालुक के शिराली गांव के पास हुई। परिवार के करीब 14 सदस्य नदी में सीपियां निकालने के लिए गए थे। स्थानीय तटीय इलाकों में नदी और समुद्र से सीपियां इकट्ठा करना कई परिवारों की पारंपरिक आजीविका का हिस्सा माना जाता है। बताया जा रहा है कि कुछ लोग नदी के गहरे हिस्से में पहुंच गए, जहां तेज धारा में उनका संतुलन बिगड़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब एक-दो लोग बहने लगे तो उन्हें बचाने के लिए अन्य सदस्य भी नदी में उतर गए। इसी दौरान तेज बहाव ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया था, जिससे हालात और अधिक खतरनाक हो गए।
पुलिस, स्थानीय प्रशासन और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है उनमें उमेश मंजूनाथ नाइक, लक्ष्मी महादेव नाइक, लक्ष्मी जट्टप्पा नाइक, लक्ष्मी अपन्ना नाइक, लक्ष्मी शिवराम नाइक, ज्योति मस्तम्मा नाइक, मालती नाइक और मस्तम्मा नाइक शामिल हैं। दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा शोक जताया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये सहायता देने की घोषणा की। वहीं Siddaramaiah ने मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।