डॉलर के आगे फिर कमजोर हुआ रुपया, कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता

 भारतीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 19 पैसे की गिरावट के साथ 94.41 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपया और कमजोर होकर 94.67 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में यह गिरावट वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण देखी गई।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के पास गोलीबारी की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ा दी। इस तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा, जिससे ब्रेंट क्रूड ऑयल 101 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये पर दबाव के रूप में दिखाई दिया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.58 प्रति डॉलर पर खुला था, लेकिन दिनभर के कारोबार के दौरान इसमें लगातार कमजोरी देखी गई और यह 94.67 के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में कुछ सुधार के साथ रुपया 94.41 पर बंद हुआ।

गौरतलब है कि इससे पहले गुरुवार को रुपया शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 27 पैसे मजबूत होकर 94.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। लेकिन शुक्रवार को वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की मजबूती ने भारतीय मुद्रा को फिर कमजोर कर दिया।

इस बीच, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स भी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 98.20 पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आती है या पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो आने वाले दिनों में रुपये पर और दबाव देखने को मिल सकता है।

निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और कच्चे तेल के बाजार पर बनी हुई है, क्योंकि इनका सीधा असर भारतीय मुद्रा और शेयर बाजार पर पड़ सकता है।

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