नई दिल्ली, बंधुआ मजदूरी के मामलों को लेकर एक अहम कदम उठाते हुए National Human Rights Commission (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश से जुड़े 216 मामलों की सुनवाई 16 अप्रैल को करने का फैसला किया है। इस सुनवाई की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष V. Ramasubramanian करेंगे।
आयोग के अनुसार, यह सुनवाई दिल्ली स्थित एनएचआरसी मुख्यालय से ऑनलाइन माध्यम में आयोजित की जाएगी। इन मामलों में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईंट भट्टों पर कथित रूप से बंधुआ मजदूरी कराए जाने की शिकायतें शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान Uttar Pradesh सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इसमें मुख्य सचिव या उनके प्रतिनिधि, श्रम आयुक्त और संबंधित जिलों के जिलाधिकारी (डीएम) शामिल होंगे। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बंधुआ मजदूरों की पहचान, उनकी रिहाई, पुनर्वास और e-Shram Portal पर पंजीकरण से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट पेश करें।
एनएचआरसी ने स्पष्ट किया है कि यह पहल बंधुआ मजदूरी जैसी अमानवीय प्रथा को समाप्त करने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। आयोग इन मामलों की निगरानी लगातार कर रहा है और शिकायतों के साथ-साथ स्वतः संज्ञान लेकर भी कार्रवाई कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करने से बंधुआ मजदूरी के मामलों में कमी आ सकती है और पीड़ितों को न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी।
यह सुनवाई समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।