हल्द्वानी। उत्तराखंड में आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद की व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। सर्किट हाउस हल्द्वानी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कानून-व्यवस्था, पर्यटन, मानव-वन्यजीव संघर्ष और विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटन स्थलों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत हुड़दंग, नशाखोरी और ओवरचार्जिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही 24 घंटे निगरानी, नियमित चेकिंग अभियान और पर्यटकों की सुविधा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने जानकारी दी कि आदि कैलाश यात्रा के लिए 1 मई से इनर लाइन पास जारी किए जाएंगे और यात्रा मार्ग फिलहाल सुचारू है। वहीं कैंचीधाम बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसे 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मेट्रोपोल पार्किंग का कार्य भी जल्द शुरू होने जा रहा है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए स्थायी समाधान खोजने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग लगाने, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त त्वरित प्रतिक्रिया टीम को 24×7 सक्रिय रखने और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल, रामनगर, हल्द्वानी और कालाढूंगी जैसे क्षेत्रों में पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विशेष निगरानी और ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा उन्होंने सड़कों को गड्ढा-मुक्त रखने, ट्रैफिक प्रबंधन मजबूत करने, शटल सेवाएं शुरू करने और वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और राज्य की छवि बेहतर बने।