कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Asaduddin Owaisi की पार्टी All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen ने हुमायूं कबीर की ‘आम जनता विकास पार्टी’ के साथ अपना गठबंधन समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद अब एआइएमआइएम राज्य में अकेले चुनावी मैदान में उतरेगी।
पार्टी की ओर से सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि हुमायूं कबीर के हालिया बयान ने मुस्लिम समाज की ईमानदारी और आत्मसम्मान पर सवाल खड़े किए हैं। एआइएमआइएम ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसे विवाद से खुद को दूर रखना चाहती है, जो उसकी राजनीतिक छवि और समुदाय के सम्मान को प्रभावित करे। इसी कारण गठबंधन खत्म करने का निर्णय लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को इस्लामपुर में हुमायूं कबीर और ओवैसी की एक संयुक्त चुनावी रैली प्रस्तावित थी, लेकिन उससे पहले ही गठबंधन टूटने की घोषणा ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक वायरल वीडियो मुख्य वजह माना जा रहा है। वीडियो में हुमायूं कबीर किसी व्यक्ति से बातचीत करते नजर आ रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर कुछ विवादित टिप्पणियां सामने आई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले गठबंधन टूटना हुमायूं कबीर के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि इससे उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, एआइएमआइएम ने यह संकेत दिया है कि वह पश्चिम बंगाल में अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अब देखना होगा कि इस घटनाक्रम का पश्चिम बंगाल चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ता है और क्या एआइएमआइएम अकेले दम पर राज्य की राजनीति में अपनी जगह बना पाती है।