देहरादून स्थित डीबीएस महाविद्यालय में छात्रों के मानसिक और सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए चार दिवसीय मेडिटेशन एवं योग कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप में ‘सेल्फ एंड सोशल डेवलपमेंट’ के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के तहत हार्टफुलनेस कैंपस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को ध्यान (मेडिटेशन) की विभिन्न तकनीकों और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि ध्यान न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी बढ़ाता है।
इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्था से जुड़े प्रशिक्षकों ने छात्रों को प्रैक्टिकल गतिविधियों के जरिए ध्यान की प्रक्रिया सिखाई। साथ ही ध्यान के लाभ, उसके वैज्ञानिक आधार और दैनिक जीवन में इसके उपयोग पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में दीपक मंगई, सुषमा दीदी और अन्य प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों को नियमित ध्यान करने के लिए प्रेरित किया।
कैंप में शामिल छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते, लेकिन इस तरह के कार्यक्रम उन्हें मानसिक शांति और संतुलन पाने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनिल पाल ने विद्यार्थियों को योग और ध्यान को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल तनाव कम होगा, बल्कि जीवन में स्पष्टता और सकारात्मकता भी आएगी।
इस आयोजन में महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकों ने भी सक्रिय योगदान दिया। यह कैंप छात्रों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।