देहरादून से बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है, जहां राज्य और जिला सहकारी बैंकों ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 269 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित किया है। सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश की 290 बैंक शाखाएं लाभ की स्थिति में पहुंच गई हैं, जो पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक है।
उन्होंने बताया कि इस अवधि में बैंकों ने न केवल मुनाफा कमाया, बल्कि एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) को भी नियंत्रित करने में सफलता हासिल की है। कुल मिलाकर 39.88 करोड़ रुपये का एनपीए कम हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 6 प्रतिशत की कमी दर्शाता है। वर्तमान में सकल एनपीए घटकर 650.23 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि शुद्ध एनपीए भी कम होकर 173.65 करोड़ रुपये पर आ गया है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के चलते यह सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ऋण वितरण प्रणाली में सुधार और समयबद्ध वसूली ने भी बैंकों की स्थिति मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
जिलावार आंकड़ों की बात करें तो देहरादून, टिहरी, चमोली, नैनीताल सहित कई जनपदों की शाखाओं ने उल्लेखनीय लाभ अर्जित किया है। हालांकि, अभी भी 41 शाखाएं घाटे में हैं, जिन्हें लाभ में लाने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है।
डाॅ. रावत ने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इन्हें और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं और सुदृढ़ प्रबंधन पर आगे भी कार्य जारी रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में सहकारी बैंक प्रदेश की आर्थिक प्रगति में और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।