नई दिल्ली, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 40 प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को पूरी तरह से 30 जून तक के लिए खत्म कर दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की कीमतों में तेजी और सप्लाई चेन पर दबाव देखने को मिल रहा है।
सरकार के इस फैसले का सीधा लाभ उन उद्योगों को मिलेगा, जो पेट्रोकेमिकल उत्पादों को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इनमें फार्मास्यूटिकल, ऑटो कंपोनेंट्स, प्लास्टिक, टेक्सटाइल, पैकेजिंग और केमिकल सेक्टर प्रमुख हैं। कस्टम ड्यूटी हटने से इन उद्योगों की उत्पादन लागत कम होगी, जिससे बाजार में उत्पादों की कीमतों पर भी नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जिन उत्पादों पर ड्यूटी हटाई गई है उनमें एसिटिक एसिड, एपॉक्सी रेजिन, प्यूरीफाइड टेरेफ्थैलिक एसिड (PTA), मेथेनॉल, फिनोल, टोल्यून, एनहाइड्रस अमोनिया और एथिलीन पॉलीमर्स जैसे महत्वपूर्ण कच्चे पदार्थ शामिल हैं। ये सभी औद्योगिक उत्पादन में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।
दरअसल, अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता आई है। इससे पेट्रोकेमिकल उत्पादों की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम भारतीय उद्योगों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति को बनाए रखने और कीमतों में अनियंत्रित बढ़ोतरी को रोकने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से न केवल उद्योगों को राहत मिलेगी, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी महंगाई से कुछ हद तक राहत मिल सकेगी। कच्चे माल की लागत घटने से कंपनियां उत्पादों की कीमतों को स्थिर रख पाएंगी, जिससे बाजार में संतुलन बना रहेगा।