Sahiya। Kalsi विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत Samalta में आयोजित ‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम के तहत न्याय पंचायत स्तरीय चौपाल का ग्रामीणों ने बहिष्कार कर दिया। सूचना समय पर न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे अधिकारियों को बैरंग लौटा दिया, जिससे प्रशासनिक स्तर पर असहज स्थिति बन गई।
यह चौपाल 27 मार्च 2026 को आयोजित की जानी थी, जिसकी जिम्मेदारी शासन द्वारा नामित नोडल एजेंसी Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana (पीएमजीएसवाई) और Public Works Department, कालसी को सौंपी गई थी। कार्यक्रम के आयोजन संबंधी आधिकारिक पत्र 23 मार्च को जारी किया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें इसकी सूचना समय पर नहीं दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें कार्यक्रम की जानकारी 27 मार्च की सुबह लगभग 9:22 बजे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से मिली, जब अधिकांश लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त हो चुके थे। अचानक मिली इस सूचना के कारण बड़ी संख्या में लोग चौपाल में शामिल नहीं हो पाए। ग्रामीणों का कहना था कि यदि सूचना पूर्व में दी जाती, तो वे अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रख सकते थे।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने इस अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए चौपाल का सामूहिक बहिष्कार कर दिया। उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि भविष्य में ऐसे जनहित से जुड़े कार्यक्रमों की सूचना कम से कम एक सप्ताह पहले दी जाए, ताकि सभी ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
इस विरोध प्रदर्शन में अनिल सिंह तोमर, संसार सिंह, अवधेश तोमर, गोपाल तोमर, अजब सिंह, नारायण सिंह, सरदार सिंह और बलिया सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इसी तरह बिना सूचना कार्यक्रम आयोजित किए गए, तो वे इसी प्रकार विरोध जारी रखेंगे।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसंपर्क व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, साथ ही यह भी दर्शाती है कि प्रभावी संचार के अभाव में जनभागीदारी वाले कार्यक्रम अपने उद्देश्य से भटक सकते हैं।