देहरादून। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राजकीय शिक्षक संघ के चुनाव को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब शिक्षक संघ के आम चुनाव लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत कराए जाएंगे, जिसमें सभी शिक्षक प्रत्यक्ष रूप से भाग लेकर अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से प्रत्येक शिक्षक को अपने प्रतिनिधि का चयन करने का अधिकार मिलेगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सकेगी।
डॉ. रावत ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक वर्ग यह मांग कर रहा था कि उन्हें संघ चुनाव में सीधे मतदान का अधिकार दिया जाए। सरकार ने इस मांग को स्वीकार करते हुए पूर्व में चली आ रही अप्रत्यक्ष व्यवस्था में बदलाव की सहमति दे दी है। उन्होंने इसे शिक्षकों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे शिक्षक संघ का संगठनात्मक ढांचा और मजबूत होगा तथा शिक्षकों की आवाज को सीधा प्रतिनिधित्व मिलेगा।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने शिक्षकों को एक और बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। मंत्री ने बताया कि प्रदेश के अनेक शिक्षक अपने गृह जनपद से दूर, गढ़वाल से कुमाऊं और कुमाऊं से गढ़वाल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात हैं, जिसके कारण उन्हें अपने घर जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रत्येक शिक्षक को वर्ष में एक बार दो दिन का विशेष यात्रा (उपार्जित) अवकाश देने का फैसला किया है। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी किया जाएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि अभी तक शिक्षकों को अपने गृह जनपद जाने के लिए निजी या उपार्जित अवकाश का उपयोग करना पड़ता था, जिससे उन्हें असुविधा होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद शिक्षकों को निर्धारित यात्रा अवकाश का लाभ मिल सकेगा, जिससे वे अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे और मानसिक रूप से भी अधिक संतुलित रह पाएंगे।
सरकार के इन निर्णयों को शिक्षक हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रत्यक्ष चुनाव और यात्रा अवकाश दोनों ही फैसले शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षकों के मनोबल को भी बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।