देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर खनन और शराब नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान खनन और शराब के क्षेत्र में माफियाओं को संरक्षण दिया गया, जबकि वर्तमान सरकार ने इन क्षेत्रों में पारदर्शिता और सख्ती लागू कर व्यवस्था में सुधार किया है।
भट्ट ने कहा कि जब भाजपा अपनी सरकार का वर्षवार रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखती है, तो कांग्रेस अपने पिछले कार्यकाल की गलतियों को स्वीकार करने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं ने अपनी नीतियों पर जनता से माफी भी मांगी थी, लेकिन अब वही मुद्दे दोबारा उठाकर भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य की खनन और आबकारी नीतियों में व्यापक सुधार हुआ है। उनके अनुसार, जहां पहले खनन व्यवसाय कुछ लोगों तक सीमित होकर माफियाओं के नियंत्रण में था, वहीं अब यह प्रदेश के राजस्व का एक बड़ा स्रोत बन चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भी राज्य की खनन व्यवस्था में सुधार को देखते हुए लगातार दो बार 200 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्रदान किया है।
भट्ट ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने शराब नीति में पारदर्शिता लाते हुए ठेका आवंटन और संचालन की प्रक्रिया को सख्त बनाया है, जिससे अवैध कारोबार पर काफी हद तक रोक लगी है। उनके मुताबिक, पहले जिन क्षेत्रों में अव्यवस्था और अनियमितता की शिकायतें आती थीं, वहां अब नियंत्रण और निगरानी की मजबूत व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में खनन और शराब कारोबार को कुछ नेताओं और उनके करीबी लोगों के लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया, जबकि वर्तमान सरकार इन क्षेत्रों को राज्य के आर्थिक विकास के साधन के रूप में विकसित कर रही है।
भट्ट के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर खनन और शराब नीति को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना जताई जा रही है।