देहरादून। राजधानी के परेड ग्राउंड में आयोजित “सरकार के 4 साल बेमिसाल” कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति और उनके जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की।
कृषि विभाग द्वारा लगाए गए पारंपरिक आर्थिक कृषि गतिविधि स्टॉल ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया। स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक उपकरणों और घरेलू कृषि गतिविधियों को देखकर मुख्यमंत्री ने स्वयं भी ओखली, सिलबट्टा और जांदरा चलाकर इन पारंपरिक विधियों को समझने का प्रयास किया। उनके इस सहभागिता भरे अंदाज़ ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
मुख्यमंत्री ने स्टॉल पर मौजूद महिलाओं से बातचीत कर उनके कार्यों और अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके योगदान को सम्मान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और पारंपरिक आजीविका को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे स्टॉल केवल प्रदर्शन तक सीमित न रहें, बल्कि इनके माध्यम से लोगों को योजनाओं की वास्तविक जानकारी और लाभ भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि पद्धतियों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों का सतत विकास संभव है।
मुख्यमंत्री की इस सहभागिता से स्टॉल पर मौजूद महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री के इस सरल और आत्मीय व्यवहार की सराहना की। यह आयोजन सरकार और जनता के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।