रुद्रपुर में 20 करोड़ की नकली एनसीईआरटी किताबें बरामद, देशभर में फैले रैकेट का खुलासा!

रुद्रपुर। उत्तराखंड के रुद्रपुर में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनसीईआरटी की फर्जी किताबों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। ग्राम कीरतपुर स्थित एक गोदाम में छापेमारी के दौरान करीब ढाई लाख से अधिक नकली किताबें बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने गोदाम को सीज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार रविवार देर रात पुलिस उपनिरीक्षक चन्दन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदिग्ध परिस्थितियों में जा रहे ट्रक संख्या  UP 37 BT-0562 को रोककर जांच की। जांच के दौरान ट्रक में बड़ी मात्रा में किताबें लदी मिलीं। शुरुआत में इसे सामान्य शैक्षिक सामग्री का परिवहन माना गया, लेकिन पुलिस को शक होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जब किताबों की बारीकी से जांच की तो मामला फर्जी एनसीईआरटी किताबों का प्रतीत हुआ। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने ग्राम कीरतपुर स्थित गोदाम पर छापेमारी की, जहां बड़ी संख्या में किताबों का जखीरा मिला। गोदाम के अंदर चारों तरफ किताबों के ढेर लगे देख अधिकारी भी हैरान रह गए।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पकड़े गए ट्रक के माध्यम से यह नकली किताबें मेरठ भेजी जा रही थीं। पुलिस को आशंका है कि यह एक बड़े स्तर का संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसके तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार यहां से उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हैदराबाद सहित अन्य राज्यों में भी फर्जी किताबों की सप्लाई की जा रही थी।

पुलिस के मुताबिक यह गोदाम गल्ला मंडी निवासी राजेश कुमार जैन का बताया जा रहा है, जिन्होंने इसे किराये पर दिया था। पुलिस ने उन्हें मौके पर बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है ताकि इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।

मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में किताबें एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से मिलती-जुलती पाई गई हैं, लेकिन उनकी प्रिंटिंग, कागज की गुणवत्ता और सामग्री में कई तकनीकी खामियां मिली हैं, जिससे इनके नकली होने की पुष्टि होती है। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग की टीम किताबों का मिलान कर सूची तैयार कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।

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