देहरादून। Pushkar Singh Dhami के दूसरे कार्यकाल के चार वर्षों में उत्तराखंड में ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं पर काम किया गया है। इसी क्रम में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया गया है।
यह जानकारी मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान पंचायतीराज मंत्री Satpal Maharaj ने सदन के समक्ष प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल पंचायत भवनों में से 1134 भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में थे। इन भवनों के पुनर्निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पिछले चार वर्षों में 819 पंचायत भवनों का निर्माण या पुनर्निर्माण किया जा चुका है, जबकि शेष भवनों पर भी कार्य जारी है।
इसी के साथ प्रदेश में सड़क सुधार कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया गया है। लोक निर्माण विभाग ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार राज्य की सड़कों को गड्डामुक्त करने के लिए अभियान चलाया। विभाग की ओर से सदन में दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2025-26 में मानसून से पहले 3134 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्डामुक्त किया गया।
इसके अलावा मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत कर उन्हें गड्डामुक्त किया गया। इस तरह कुल मिलाकर सात हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों को दुरुस्त किया जा चुका है। इस अभियान के तहत अकेले Haridwar जनपद में 313 किलोमीटर से अधिक सड़कों की मरम्मत की गई।
वहीं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। सरकार तीर्थ स्थलों तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से कई स्थानों पर रोपवे विकसित कर रही है।
पर्यटन विभाग के अनुसार Surkanda Devi Temple के लिए कद्दूखाल से रोपवे का संचालन पीपीपी मॉडल के तहत शुरू किया जा चुका है। इसके अलावा Purnagiri Temple के लिए ठुलीगाड़ से रोपवे निर्माणाधीन है। वहीं Yamunotri Temple के लिए जानकी चट्टी से रोपवे परियोजना भी पीपीपी मॉडल में विकसित की जा रही है।
सरकार की ओर से Kedarnath Temple और Hemkund Sahib तक रोपवे परियोजनाओं की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।