गैरसैंण। Pushkar Singh Dhami ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवालों के जवाब देते हुए उनके भविष्य और देश सेवा की भावना पर अपने विचार साझा किए।
संवाद कार्यक्रम में कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से सेना, राजनीति और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कई सवाल पूछे। शंकर सिंह राणा नामक कैडेट ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक परिवार से आने के कारण क्या कभी उनका मन सेना में जाने का हुआ था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना देश की सबसे सम्मानजनक सेवाओं में से एक है। उन्होंने बताया कि सैनिक परिवार में पले-बढ़े होने के कारण उन्होंने बचपन से ही सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन को एक सैनिक की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ देश के सैनिक अपनी ड्यूटी निभाते हैं, उसी भावना के साथ वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में जनता की सेवा करने का प्रयास करते हैं।
एक अन्य कैडेट हिमांशु रौतेला ने मुख्यमंत्री से पूछा कि व्यस्त राजनीतिक जीवन के बीच वे अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं। इस प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होता है, तो उसकी जिम्मेदारियां काफी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उत्तराखंड की पूरी जनता ही उनका परिवार है और राज्य का हर गांव उनके लिए अपने घर जैसा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अग्निवीरों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है और युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर Ajay Kothiyal, जो Youth Foundation के संस्थापक हैं, भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और अग्निवीर कैडेट्स उपस्थित रहे।