देहरादून में गृहमंत्री का बड़ा कार्यक्रम: आरक्षियों को नियुक्ति पत्र, शरणार्थियों को मिली भारतीय नागरिकता
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस में चयनित नव नियुक्त आरक्षियों को एक समारोह के दौरान नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान अमन सिंह, आकाश, अभय चौहान, अर्जुन नाथ गोस्वामी और योगेश नाथ को मंच पर बुलाकर नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
समारोह में एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 शरणार्थियों को भारत की नागरिकता के प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। इनमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े शैलेश, भट्टाग्राम पाकिस्तान से आए जसपाल कुमार, कराची में महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न से परेशान होकर भारत आईं श्रीमती दुर्गानाथ टी. राजपूत तथा अफगानिस्तान से आई श्रीमती हंसेरी बाई को मंच पर नागरिकता प्रमाणपत्र दिए गए।
इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने उत्तराखंड में ई-जीरो एफआईआर प्रणाली का भी शुभारंभ किया। यह व्यवस्था भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य विशेष रूप से एक लाख रुपये से अधिक की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था के तहत अब 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में ई-जीरो एफआईआर के रूप में पंजीकृत किया जाएगा। इसके बाद इन मामलों को सीसीटीएनएस प्रणाली के माध्यम से संबंधित थानों को तत्काल भेज दिया जाएगा।
इससे पुलिस को “गोल्डन ऑवर” में त्वरित कार्रवाई करने, साक्ष्य एकत्र करने और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को फ्रीज करने में मदद मिलेगी। इससे साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की ठगी गई रकम की रिकवरी की संभावना भी बढ़ेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के भाषणों के संकलन पर आधारित गिरजा शंकर जोशी की पुस्तक **“विकल्प रहित संकल्प”** का भी विमोचन किया गया। साथ ही राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और ऐतिहासिक फैसलों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।