नई दिल्ली, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों को ‘खुली आक्रामकता’ बताते हुए कड़ी निंदा की है। बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप कर युद्धविराम सुनिश्चित करने की मांग की है।
बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई थी। उन्होंने बताया कि मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी के अनुसार ईरान अमेरिका की अधिकांश शर्तें मानने को तैयार था। इसके बावजूद अमेरिका द्वारा वार्ता समाप्त करने की घोषणा और उसके बाद इजराइल के साथ मिलकर कार्रवाई करना यह संकेत देता है कि कूटनीतिक प्रक्रिया गंभीर नहीं थी।
डॉ. इलियास ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे इस्लामी जगत के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि किसी संप्रभु राष्ट्र के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है।
बोर्ड ने आशंका जताई कि यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है। एक ओर जहां कुछ यूरोपीय देश अमेरिका के समर्थन में हैं, वहीं रूस और चीन ईरान के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। यदि समय रहते कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए तो यह टकराव व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है।
बोर्ड ने सभी राष्ट्राध्यक्षों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि तत्काल और व्यावहारिक कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित किया जाए।