नई दिल्ली, भारत और कनाडा के बीच सोमवार को Hyderabad House में हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने सहयोग को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए। इस अवसर पर कुल आठ करारों पर हस्ताक्षर हुए तथा नौ प्रमुख घोषणाएं की गईं।
वार्ता में व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के लिए संदर्भ शर्तें तय की गईं, जिससे भविष्य में व्यापार और निवेश को मजबूती मिलेगी। तकनीकी एवं नवाचार क्षेत्र में भारत-कनाडा-ऑस्ट्रेलिया त्रिपक्षीय सहयोग समझौता भी संपन्न हुआ। इसके अलावा भारत को यूरेनियम आपूर्ति से संबंधित वाणिज्यिक अनुबंध पर सहमति बनी।
द्विपक्षीय बैठक में रक्षा, शिक्षा, कृषि, नवाचार और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय के अनुसार रक्षा संवाद तंत्र स्थापित किया जाएगा और संसदीय मैत्री समूह को सक्रिय किया जाएगा। साथ ही भारत-कनाडा सीईओ फोरम का पुनर्गठन होगा।
कनाडा ने ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस और इंटरनेशनल सोलर अलायंस में शामिल होने की घोषणा की। भारत के सहयोग से कनाडा इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन में संवाद भागीदार बनेगा। शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में 24 साझेदारी समझौतों को अंतिम रूप दिया गया है, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद को वैश्विक चुनौती बताते हुए संयुक्त सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान का समर्थन किया।
कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने भारत की आर्थिक प्रगति और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भविष्य के लक्ष्यों और स्वच्छ ऊर्जा, पवन, सौर तथा हाइड्रोजन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगी।
दोनों नेताओं ने विश्वास जताया कि ये समझौते भारत और कनाडा के संबंधों को दीर्घकालिक रणनीतिक दिशा देंगे।